शिमला. हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट किसी से छिपा नहीं है. लेकिन अब एचआरटीसी कर्मचारी भड़क गए हैं.क्योंकि दिसंबर महीने के नौ दिन बीत गए हैं और कर्मचारियों की सैलरी क्रेडिट नहीं हुई है. मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एचआरटीसी चालक और परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने शिमला के पुराना बस अड्डे के पास सरकार और प्रबंधन को कोसा. अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी को बंद करना है तो बंद करो औऱ चाहे प्राइवेट हाथों में देना है, लेकिन हमारा पैसा हमें मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपये का बकाया पैंडिंग है. वह कहते हैं कि अगर जिंदा रहते हुए पैसा नहीं मिलता है तो फिर मौत के बाद उसका क्या फायदा.